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दोस्ती की बुनियाद पर जीत का महल

Posted On: 17 May, 2011 पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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इस साल फरवरी में अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जे जयललिता जब डीएमडीके प्रमुख विजयकांत के पास गठबंधन बनाने के लिए पहुंची तो राजनीतिक विश्लेषकों को हैरानी हुई। इसकी वजह थी जयललिता के राजनीतिक स्टाइल के एकदम उलट उठाया गया कदम। उन्होंने बगैर देर करते हुए कुल 234 विधानसभा सीटों में से 41 सीटें विजयकांत दे दीं।

2004 के बाद से लगातार हार ने उनको यह राजनीतिक सबक दे दिया था कि चुनाव जीतने के लिए एक मजबूत गठबंधन की दरकार है। इसी रणनीति के तहत उन्होंने डीएमडीके समेत 13 छोटे दलों के साथ गठबंधन बनाकर एम करुणानिधि की सत्ता ध्वस्त कर दी।

पिछले विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक ने अकेले दम ही चुनाव लड़ा था और 234 सदस्यों की विधानसभा में केवल 60 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। जबकि द्रमुक-कांग्रेस-पीएमके-वाममोर्चा के मजबूत गठबंधन के कारण आसानी से एम करुणानिधि की सत्ता में वापसी हुई थी। राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार पूरे तमिलनाडु में करीब 10 प्रतिशत वोट डीएमडीके का है और इसके कारण नुकसान मुख्य रूप से जयललिता का होता है। उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में डीएमडीके के कारण करीब 50 सीटों पर अन्नाद्रमुक को नुकसान हुआ। इसके चलते इस चुनाव में जयललिता ने विजयकांत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ा दिया। इस गठबंधन से द्रमुक का विरोधी वोट इधर-उधर विभाजित होने के बजाय इस गठबंधन को मिला। विजयकांत ने 41 सीटों में से 28 सीटों पर कामयाबी पाई और जयललिता के हाथों में बेहद आसानी से सत्ता की चाबी आ गई।

वहीं 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में करुणानिधि के परिजनों के नाम सामने आने और परिवारवाद ने जनता का उनसे मोहभंग कर दिया। जिसकी कीमत उनको इस चुनाव में चुकानी पड़ी। जयललिता ने उनके परिवारवाद और भ्रष्टाचार के मुद्दों को चुनाव अभियान के दौरान जबर्दस्त ढंग से उठाया। जयललिता की जीत यह साबित करती है कि जनता ने उनकी राय से अपनी सहमति प्रकट कर दी है।

विधानसभा चुनाव 2011 – नतीजे

पश्चिम बंगाल
तृणमूल गठबंधन – 225
वाम मोर्चा – 63
अन्य – 6

तमिलनाडु
अन्नाद्रमुक गठबंधन – 203
द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन – 31
अन्य – 0

असम
कांग्रेस – 78
अगप – 10
भाजपा – 5
अन्य – 33

केरल
यूडीएफ – 72
एलडीएफ – 68
अन्य – 0

पुडुचेरी
अन्नाद्रमुक गठबंधन – 20
कांग्रेस
गठबंधन – 10
अन्य – 0

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साभार : दैनिक जागरण 15 मई 2011 (रविवार)
नोट – मुद्दा से संबद्ध आलेख दैनिक जागरण के सभी संस्करणों में हर रविवार को प्रकाशित किए जाते हैं.

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Jennabel के द्वारा
July 12, 2016

This makes evheitryng so completely painless.


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